Online Shopping Via Suddh News

किन्नर होना अभिशाप नहीं बल्कि प्रकृति के सञ्चालन में योगदान का एक हिस्सा है



क्या हमारा समाज बदल रहा है या अभी भी पुराना ही है सोच में

आज सुबह अखबार में एक सेना के सैनिक का लिंग परिवर्तन न्यूज़ पढ़ा सोचकर अजीब तो लगा लेकिन क्या आप या हम अगर ऐसे हो जाये तो क्या तब भी हम ऐसे ही व्यवहार करते शायद आप सोच में पद जायेंगे.
ऐसे नज़ाने कितने किस्से हैं या होते हैं कुछ को टीवी के माध्यम से कुछ की लड़ाई से हम जान पाते हैं.कुछ हफ्ते पहले एक किन्नर के अनाथ बच्चे को पढ़ाने और उसकी नानी अम्मा का ज़िक्र हमने kbc में देखा था.

हमें इसके बारे में सोचने की आवश्यकता है आपको क्या लगता है ?
किन्नर का जन्म और उसके बारे में वर्णन हमें गरुड़ पुराण में मिलता है.आपको बताने में हर्ष होता है की सृष्टि सञ्चालन में इनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है
आप किसीको भी कभी भी अपने पाप के ज़रिये इस यौनि में जन्म लेना पड़ सकता है

सोचियेगा ज़रूर
किन्नर होना अभिशाप नहीं बल्कि प्रकृति के सञ्चालन में योगदान का एक हिस्सा है
0